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संस्कृत सुविचार — अर्थ सहित (फ्री डाउनलोड)

गीता, उपनिषद् और सुभाषितों से चुने हुए संस्कृत सुविचार — मूल संस्कृत व अर्थ सहित। एक क्लिक में WhatsApp स्टेटस साइज़ ग्राफ़िक डाउनलोड कीजिए और शेयर कीजिए।

संस्कृत कला28 जुलाई 20262 मिनट
प्रेरणाउद्यमेन हि सिध्यन्ति❀ संस्कृत कला
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अच्छा विचार वह है जो पढ़ने के बाद भी मन में रह जाए। यहाँ श्रीमद्भगवद्गीता, उपनिषदों और सुभाषितों से चुने हुए संस्कृत सुविचार हैं — मूल संस्कृत, सरल हिंदी अर्थ और स्रोत के साथ।

नीचे किसी भी विचार पर "डाउनलोड करें" दबाइए — WhatsApp स्टेटस साइज़ (1080×1920) का ग्राफ़िक तुरंत बन जाएगा। सब निःशुल्क है।

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।

तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल में कभी नहीं।

श्रीमद्भगवद्गीता · 2.47

योगः कर्मसु कौशलम्।

कर्मों में कुशलता ही योग है।

श्रीमद्भगवद्गीता · 2.50

समत्वं योग उच्यते।

सुख-दुःख और लाभ-हानि में समान भाव रखना ही योग कहा जाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता · 2.48

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।

कार्य परिश्रम से ही सिद्ध होते हैं, केवल इच्छा करने से नहीं।

सुभाषित

विद्या ददाति विनयम्।

सच्ची विद्या विनम्रता देती है।

सुभाषित

श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।

श्रद्धा रखने वाला ही ज्ञान प्राप्त करता है।

श्रीमद्भगवद्गीता · 4.39

सत्यमेव जयते।

सत्य की ही विजय होती है।

मुण्डक उपनिषद् · 3.1.6

उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।

उठो, जागो, और श्रेष्ठ को प्राप्त कर ज्ञान पाओ।

कठ उपनिषद् · 1.3.14

क्षमा वीरस्य भूषणम्।

क्षमा वीर पुरुष का आभूषण है।

सुभाषित

तमसो मा ज्योतिर्गमय।

हे प्रभु! मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलें।

बृहदारण्यक उपनिषद् · 1.3.28

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।

सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों।

शांति मंत्र

वसुधैव कुटुम्बकम्।

सारी पृथ्वी ही एक परिवार है।

महा उपनिषद् · 6

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  • कर्म — कर्तव्य और परिश्रम के विचार; जब मन काम से भाग रहा हो।
  • ज्ञान — विद्या, विनम्रता और श्रद्धा; सीखने के पथ पर।
  • साहस — सत्य, क्षमा और जागरण; जब हिम्मत की ज़रूरत हो।
  • शांति — समभाव और मंगलकामना; अशांत मन के लिए।
  • एकता — सबको अपना मानने का भाव।

स्रोत क्यों मायने रखता है

आज इंटरनेट पर घूमते अनेक "संस्कृत सुविचार" न तो शुद्ध होते हैं और न ही उनका स्रोत होता है — कई बार अर्थ भी गलत जुड़ा होता है। इसलिए यहाँ हर विचार के साथ उसका स्रोत दिया गया है (जैसे "श्रीमद्भगवद्गीता · 2.47"), और केवल वही विचार जोड़े गए हैं जिनका स्रोत प्रामाणिक ग्रंथों में मिलता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ये ग्राफ़िक्स निःशुल्क हैं?

हाँ, पूरी तरह निःशुल्क। कोई साइन-अप या शुल्क नहीं। डाउनलोड कीजिए और जितना चाहें शेयर कीजिए।

इमेज का साइज़ क्या है?

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WhatsApp स्टेटस पर कैसे लगाएँ?

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क्या इन विचारों के स्रोत प्रामाणिक हैं?

हाँ। सभी विचार श्रीमद्भगवद्गीता, उपनिषदों और पारंपरिक सुभाषितों से लिए गए हैं, और हर ग्राफ़िक पर उसका स्रोत लिखा होता है। कोई आधुनिक या अप्रमाणित उद्धरण नहीं जोड़ा जाता।

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