शारदीय नवरात्रि 2026: 9 दिन, माँ दुर्गा के 9 स्वरूप और मंत्र
शारदीय नवरात्रि 2026 कब है — तिथि, घटस्थापना, माँ दुर्गा के नौ स्वरूप, पूजा विधि और शक्तिशाली देवी मंत्र। सरल हिंदी में।
शक्ति की आराधना का महापर्व — शारदीय नवरात्रि — आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में नौ दिनों तक मनाया जाता है। 2026 में यह रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होकर 20 अक्टूबर (विजयादशमी) तक है।
तिथि
प्रतिपदा को घटस्थापना (कलश स्थापना) होती है; इसका शुभ मुहूर्त क्षेत्र व पंचांग के अनुसार बदलता है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
माँ दुर्गा के नौ स्वरूप
| दिन | स्वरूप | भाव |
|---|---|---|
| 1 | शैलपुत्री | शक्ति का आरंभ |
| 2 | ब्रह्मचारिणी | तप व संयम |
| 3 | चंद्रघंटा | साहस व शांति |
| 4 | कूष्माण्डा | सृष्टि व ऊर्जा |
| 5 | स्कंदमाता | वात्सल्य |
| 6 | कात्यायनी | विजय |
| 7 | कालरात्रि | भय-नाश |
| 8 | महागौरी | पवित्रता |
| 9 | सिद्धिदात्री | सिद्धि व पूर्णता |
पूजा विधि
- प्रतिपदा को कलश व जौ बोकर घटस्थापना करें, अखंड ज्योति जलाएँ।
- प्रतिदिन उस दिन के देवी-स्वरूप का ध्यान, मंत्र-जाप व आरती करें।
- अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन कर व्रत का पारण करें।
देवी मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
अर्थ: जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बार-बार नमस्कार है।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
नवार्ण मंत्रअर्थ: माँ दुर्गा (चामुंडा) का यह नौ-अक्षरी बीज मंत्र शक्ति, रक्षा और मनोकामना-सिद्धि के लिए जपा जाता है।
भाव
नवरात्रि भीतर की शक्ति को जगाने का पर्व है — संयम, श्रद्धा और सकारात्मकता ही सच्ची उपासना है। जय माता दी।
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