धनतेरस 2026: तिथि, पूजा मुहूर्त, क्या खरीदें और यम दीपम
धनतेरस 2026 कब है — 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)। पूजा का शुभ मुहूर्त, धन्वंतरि पूजा, क्या खरीदना शुभ है, यम दीपम की परंपरा और पूरी विधि — सरल हिंदी में।
दीपावली के पाँच दिवसीय पर्व की शुरुआत होती है धनतेरस से। 2026 में यह शुक्रवार, 6 नवंबर को है। यह दिन केवल खरीदारी का नहीं — आरोग्य, समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना का दिन है।
तिथि व मुहूर्त
धनतेरस (धनत्रयोदशी): शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
पूजा मुहूर्त: लगभग शाम 5:33 – 7:24 बजे (नई दिल्ली, प्रदोष व वृषभ काल)
मुहूर्त सूर्यास्त पर निर्भर है — अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
धनतेरस का महत्व
- भगवान धन्वंतरि: समुद्र मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए धन्वंतरि आयुर्वेद के देवता हैं — इसीलिए यह दिन आरोग्य का भी पर्व है। भारत में इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
- लक्ष्मी व कुबेर: धन और समृद्धि के लिए इनकी पूजा होती है।
- यमराज: अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए यम दीपम जलाया जाता है।
असली संदेश
"धन" केवल पैसा नहीं — स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। धन्वंतरि की पूजा हमें यही याद दिलाती है। इसीलिए धनतेरस पर आरोग्य की कामना सबसे पहले की जाती है।
क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
| वस्तु | मान्यता |
|---|---|
| सोना-चाँदी | समृद्धि व स्थायी धन |
| बर्तन (पीतल/चाँदी) | घर में अन्न-धन की वृद्धि |
| झाड़ू | दरिद्रता दूर, लक्ष्मी का वास |
| धनिया के बीज | बरकत व वृद्धि का प्रतीक |
| दीपक | प्रकाश व शुभता |
मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु में तेरह गुना वृद्धि होती है।
पूजा विधि
- संध्या के समय घर व द्वार स्वच्छ कर रंगोली बनाएँ।
- चौकी पर धन्वंतरि, लक्ष्मी व कुबेर की स्थापना करें।
- दीप जलाकर रोली, अक्षत, फूल व मिठाई अर्पित करें।
- नई खरीदी वस्तु को पूजा में रखें।
- आरोग्य व समृद्धि की प्रार्थना करें।
यम दीपम की परंपरा
धनतेरस की शाम, घर के मुख्य द्वार के बाहर आटे या मिट्टी का दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर रखें — यह यमराज के नाम का दीप है। मान्यता है कि इससे परिवार अकाल मृत्यु व अनिष्ट से सुरक्षित रहता है।
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शुभ धनतेरस! आपके घर में आरोग्य और समृद्धि दोनों आएँ। 🪔
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनतेरस 2026 में कब है?
धनतेरस 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को है। यह कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है और दिवाली के पाँच दिवसीय पर्व का पहला दिन है।
धनतेरस 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के अनुसार पूजा का शुभ मुहूर्त लगभग शाम 5:33 से 7:24 बजे तक (प्रदोष व वृषभ काल) है। यह समय सूर्यास्त पर निर्भर है — अपने शहर के पंचांग से पुष्टि करें।
धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
सोना-चाँदी, बर्तन (विशेषकर पीतल व चाँदी), झाड़ू, धनिया के बीज और दीपक शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन खरीदी वस्तु में तेरह गुना वृद्धि होती है।
यम दीपम क्या है?
धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यमराज के नाम का एक दीपक जलाया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार अकाल मृत्यु से सुरक्षित रहता है।
धनतेरस पर किसकी पूजा होती है?
इस दिन भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता), माता लक्ष्मी, कुबेर और यमराज की पूजा की जाती है।
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