गोवर्धन पूजा 2026: तिथि, अन्नकूट, कथा और पूजा विधि
गोवर्धन पूजा 2026 कब है — तिथि, प्रातःकाल मुहूर्त, अन्नकूट की परंपरा, श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा और पूजा विधि — सरल हिंदी में।
दीपावली के अगले चरण में आता है गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) — प्रकृति, गोधन और श्रीकृष्ण की कृपा के प्रति कृतज्ञता का पर्व।
तिथि — ध्यान दें
गोवर्धन पूजा 2026: अधिकांश पंचांगों के अनुसार मंगलवार, 10 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
प्रातःकाल मुहूर्त: लगभग सुबह 6:40 – 8:50 बजे
⚠️ कुछ पंचांगों में यह तिथि 9 नवंबर भी बताई गई है (प्रतिपदा के आरंभ-समय के कारण)। अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि अवश्य करें।
कथा — जब कृष्ण ने पर्वत उठाया
ब्रजवासी हर वर्ष इंद्र की पूजा करते थे। बालक श्रीकृष्ण ने कहा — असली पूजा तो उस गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की होनी चाहिए, जो हमें घास, जल और जीवन देती है। ब्रजवासियों ने ऐसा ही किया।
क्रोधित इंद्र ने मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सात दिन तक सबकी रक्षा की। अंततः इंद्र का अहंकार टूटा और उन्होंने क्षमा माँगी।
कथा का संदेश
यह कथा दो बातें सिखाती है — प्रकृति की पूजा करो, दिखावे की नहीं, और अहंकार अंततः झुकता ही है। गोवर्धन पूजा असल में पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता का सबसे पुराना पर्व है।
अन्नकूट — अन्न का पर्वत
"अन्नकूट" यानी अन्न का पर्वत। इस दिन:
- अनेक प्रकार के पकवान (कहीं छप्पन भोग) बनाए जाते हैं।
- उन्हें पर्वत के आकार में सजाकर श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है।
- फिर यह प्रसाद सबमें बाँटा जाता है — कोई भूखा न रहे।
पूजा विधि
- आँगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ; उस पर फूल, दीप व टहनियाँ सजाएँ।
- श्रीकृष्ण, गोवर्धन और गायों की पूजा करें।
- अन्नकूट का भोग अर्पित करें।
- गोवर्धन की परिक्रमा करें और सबमें प्रसाद बाँटें।
- गायों को सजाकर, उन्हें चारा खिलाएँ।
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्॥
अर्थ: जो अनन्य भाव से मेरा चिंतन करते हुए मेरी उपासना करते हैं, उनका योगक्षेम (आवश्यकता व रक्षा) मैं स्वयं वहन करता हूँ। — गोवर्धन की रक्षा-लीला का यही भाव है।
जुड़े हुए लेख
- दिवाली 2026 — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त व विधि
- कृष्ण जन्माष्टमी 2026 — व्रत विधि व 5 श्लोक
- भाई दूज 2026
- 2026 का पूरा त्योहार कैलेंडर
जय श्री कृष्ण! गोवर्धन महाराज की जय। 🐄
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोवर्धन पूजा 2026 में कब है?
अधिकांश पंचांगों के अनुसार गोवर्धन पूजा 2026 में मंगलवार, 10 नवंबर को है। कुछ पंचांगों में यह 9 नवंबर भी बताई गई है, क्योंकि प्रतिपदा तिथि के आरंभ-समय से गणना बदल जाती है — अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि अवश्य करें।
गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है?
मान्यता है कि इंद्र के कोप से मूसलाधार वर्षा होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सात दिन तक ब्रजवासियों की रक्षा की थी। उसी की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।
अन्नकूट क्या होता है?
अन्नकूट का अर्थ है अन्न का पर्वत। इस दिन छप्पन भोग या अनेक प्रकार के पकवान बनाकर गोवर्धन पर्वत के प्रतीक रूप में पर्वताकार सजाकर श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है, फिर प्रसाद बाँटा जाता है।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
प्रातःकाल का मुहूर्त लगभग सुबह 6:40 से 8:50 बजे तक माना जाता है। तिथि व मुहूर्त क्षेत्र और पंचांग के अनुसार बदलते हैं — स्थानीय पंचांग देखें।
गोवर्धन पूजा में गाय की पूजा क्यों होती है?
गोवर्धन पूजा प्रकृति और गोधन (गायों) के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। श्रीकृष्ण गोपाल हैं — गायों के पालक। इस दिन गायों को सजाकर उनकी पूजा की जाती है।
इसे भी पढ़ें
करवा चौथ 2026: तिथि, चंद्रोदय समय, सरगी और पूजा विधि
करवा चौथ 2026 कब है — 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)। पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, सरगी, व्रत विधि, कथा और महत्व — सरल हिंदी में।
धनतेरस 2026: तिथि, पूजा मुहूर्त, क्या खरीदें और यम दीपम
धनतेरस 2026 कब है — 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)। पूजा का शुभ मुहूर्त, धन्वंतरि पूजा, क्या खरीदना शुभ है, यम दीपम की परंपरा और पूरी विधि — सरल हिंदी में।
भाई दूज 2026: तिथि, तिलक मुहूर्त, कथा और विधि
भाई दूज 2026 कब है — 11 नवंबर 2026 (बुधवार)। तिलक का शुभ मुहूर्त, यम-यमुना की कथा, पूजा विधि और इस पर्व का महत्व — सरल हिंदी में।